डेढ़ साल तक अनसुनी रही गुहार, पहली ही तेज बारिश में बहा पुलिया का सपना! 3 हजार आबादी का संपर्क टूटा, स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर संकट
अनूप बड़ेरिया
कोरिया। जिले के ग्राम पंचायत डुमरिया से गिरजापुर जाने वाले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क मार्ग पर स्थित आंजोकला नवन पानी नाला की पुलिया लगातार बारिश के चलते क्षतिग्रस्त हो गई है। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से लगभग 3 हजार की आबादी वाले तीन गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे ग्रामीणों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और दैनिक आवागमन करने वाले ग्रामीणों को हो रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 और डुमरिया तक पहुंचने का मुख्य मार्ग बंद होने से लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वैकल्पिक मार्ग भी सुरक्षित नहीं होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है।
जिला पंचायत सदस्य राजेश साहू ने बताया कि इस पुलिया के निर्माण की मांग को लेकर वे पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार प्रशासन के समक्ष आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर को लिखित आवेदन दिया, जिसकी फाइल आज भी डीएमएफ (DMF) शाखा में लंबित बताई जा रही है। इसके अलावा क्षेत्रीय विधायक भैयालाल राजवाड़े, प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम तथा मुख्यमंत्री को भी लिखित रूप से पुलिया निर्माण की मांग भेजी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा सीएम से भी गुहार लगाई गई।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिया का निर्माण कराया गया होता तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। अब पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद तीन गांवों का आवागमन पूरी तरह ठप हो चुका है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने और नई पुलिया के निर्माण को प्राथमिकता देने की मांग की है। क्षेत्र में अब एक ही सवाल गूंज रहा है—जब डेढ़ साल पहले से चेतावनी और मांग की जा रही थी, तो आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन?




