
*कार्मेल स्कूल–ढिमरापुर मार्ग पर नाली निर्माण बना मुसीबत*,
रायगढ़/ शहर के वार्ड क्रमांक-5 स्थित कार्मेल स्कूल–ढिमरापुर मुख्य मार्ग पर लगभग 70 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे नाली एवं कन्वर्ट निर्माण कार्य ने आम नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले करीब दो माह से चल रहे निर्माण कार्य के कारण इस व्यस्त मार्ग की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्थिति यह है कि रोजाना सुबह और शाम सड़क पर लंबा जाम लग रहा है, जिससे स्कूली विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब हो कि कार्य योजना एवं वैकल्पिक मार्ग के अभाव में कार्मेल स्कूल ढिमरापुर मार्ग में चल रहे नाली और कन्वर्ट निर्माण कार्य की वजह से रोजाना सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग रही है। कार, ऑटो, बाइक और अन्य वाहन घंटों तक रेंगते नजर आ रहे हैं। निर्माण कार्य के चलते सड़क संकरी हो जाने से यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है और लोगों का कीमती समय जाम में बर्बाद हो रहा है।जानकारी के अनुसार ठेकेदार ने लगभग दो माह की मशक्कत के बाद सड़क के एक हिस्से में नाली निर्माण का कार्य पूरा किया। लेकिन अब सड़क के दूसरे छोर पर खुदाई और निर्माण कार्य शुरू होने से एक बार फिर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। निर्माण कार्य के दौरान वैकल्पिक यातायात व्यवस्था या पर्याप्त सुरक्षा प्रबंधन नहीं होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।क्षेत्रवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए और काम के दौरान उचित यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि निगम और ठेकेदार समयबद्ध योजना के साथ कार्य करते तो शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल इस सड़क पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से बचा जा सकता था।अब देखना होगा कि नगर निगम निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार, गुणवत्ता संबंधी शिकायतों और लगातार बिगड़ रही यातायात व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाता है, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके।
पेटी ठेकेदार के भरोसे छोड़ा गया काम
सूत्रों के मुताबिक इस लगभग 70 लाख रुपये के निर्माण कार्य का ठेका बाराद्वार निवासी संजय केडिया को मिला है। हालांकि बताया जा रहा है कि ठेकेदार ने स्वयं कार्य कराने के बजाय इसे पेटी कॉन्ट्रेक्ट पर सौंप दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी वजह से निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी है और गुणवत्ता को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं।
वार्ड पार्षद ने जताई नाराजगी
इस पूरे मामले में वार्ड पार्षद ने भी निर्माण कार्य पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है और कई स्थानों पर मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने नगर निगम की कार्य योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिना ठोस ट्रैफिक प्लान के इतने व्यस्त मार्ग पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
वर्शन/ 70 लाख की लागत से नाली और कन्वर्ट निर्माण किया जा रहा है।निगम के पास इसके लिए कोई सही कार्य योजना नहीं है।ठेकेदार द्वारा भी कार्य पेटी कॉन्ट्रैक्टर को सौंप दिया गया।गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
श्रीमती सुमित्रा खोलू सारथी
पार्षद वार्ड क्रमांक 5




