
सूरजपुर आंदोलन खत्म: सिंहदेव का आमरण अनशन टूटा, बैज की भूख हड़ताल समाप्त; कांग्रेस की मांगों पर प्रशासन झुका टीआई पर कार्रवाई और आर्म्स एक्ट की धाराएं हटाने के आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन, भूपेश बोले थे—‘पुलिस अधिकारियों का नाम याद रखा जाएगा’
पूर्व विधायक गुलाब कमरो सहित अनेक नेता लगातार डटे रहे..
अनूप बड़ेरिया
सूरजपुर/विश्रामपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में पिछले दो दिनों से चर्चा का केंद्र बने विश्रामपुर आंदोलन का बुधवार को पटाक्षेप हो गया। पूर्व उपमुख्यमंत्री T. S. Singh Deo का आमरण अनशन और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij की क्रमिक भूख हड़ताल प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गई। प्रशासन की ओर से नारियल पानी पिलाकर दोनों नेताओं का अनशन तुड़वाया गया।
कांग्रेस की मांग के अनुरूप विश्रामपुर थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई और कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन पर लगाए गए आर्म्स एक्ट की धाराओं को हटाने के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित किया गया। आंदोलन समाप्त कराने सूरजपुर एसडीएम शिवानी जायसवाल और एएसपी योगेश देवांगन धरनास्थल पहुंचे थे। इस दौरान सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा और सूरजपुर एसपी प्रशांत कुमार ठाकुर से भी फोन पर चर्चा कराई गई।

आंदोलन समाप्त होने के बाद टीएस सिंहदेव ने कहा कि न्याय की लड़ाई में यह पहली जीत है और संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। वहीं दीपक बैज ने कहा कि आखिरकार सत्य और न्याय की जीत हुई तथा कांग्रेस की सभी प्रमुख मांगें प्रशासन ने मान ली हैं।
भूपेश बघेल ने मंच से दी थी चेतावनी
मंगलवार को आंदोलन स्थल पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला था। शिवनंदनपुर नगर पंचायत की चुनावी सभा में उन्होंने कहा था कि कांग्रेस नेता पर चुनाव प्रभावित करने के उद्देश्य से फर्जी मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि “थानेदार का नाम याद रखा जाएगा” और सरकारें आती-जाती रहती हैं।
भूपेश बघेल ने कहा था कि प्रदेश के कांग्रेसी चुप बैठने वाले नहीं हैं और यदि समय रहते मामला नहीं सुधारा गया तो इसका जवाब जनता देगी।
क्या है पूरा मामला
कांग्रेस के अनुसार शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय और कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि चुनावी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जिसके बाद भाजपा नेताओं की शिकायत पर नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नरेंद्र जैन ने कटार दिखाकर धमकी दी, हालांकि पुलिस अब तक कथित हथियार बरामद नहीं कर सकी है।
इसी कार्रवाई के विरोध में सोमवार से कांग्रेस ने आंदोलन शुरू किया था। मंगलवार को टीएस सिंहदेव आमरण अनशन पर बैठ गए, जबकि दीपक बैज भूख हड़ताल पर रहे। आंदोलन में पूर्व विधायक गुलाब कमरो, पूर्व विधायक पारस राजवाड़े, पूर्व मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता लगातार मौजूद रहे।
दूसरे पक्ष पर भी दर्ज हुई FIR
कांग्रेस की प्रमुख मांगों में दूसरे पक्ष पर भी कार्रवाई शामिल थी। इसके बाद विश्रामपुर पुलिस ने नरेंद्र जैन की पत्नी मधु जैन की शिकायत पर दूसरे पक्ष के दो आरोपियों के खिलाफ धारा 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है।
धरनास्थल पर रातभर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी रही। बुधवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम ने टीएस सिंहदेव का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया था। प्रशासन के लगातार प्रयास और पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद अंततः आंदोलन समाप्त हुआ।




