
बैकुंठपुर में चुनावी बिगुल: अध्यक्ष पद के लिए अभिनेन्द्र सिंह ने ठोकी ताल
निर्दलीय जीत से भाजपा तक का सफर, सक्रिय पार्षद के रूप में पहचान; विकास के विजन के साथ मैदान में उतरने की तैयारी
अनूप बड़ेरिया
बैकुंठपुर। नगर पालिका चुनाव की दस्तक वार्ड आरक्षण के साथ ही तेज हो गई है। पार्षद पद के साथ अब नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी के लिए भी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों से दावेदारों के नाम सामने आने लगे हैं। इसी बीच वार्ड क्रमांक 07 धौराटिकरा से निर्दलीय पार्षद का चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पहचान बनाने वाले अभिनेन्द्र सिंह ने भी अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर ताल ठोक दी है। उनके सक्रिय जनसंपर्क और वार्ड के साथ शहर के अन्य हिस्सों में लोगों के बीच मौजूदगी से चुनावी चर्चाओं का माहौल और गर्म हो गया है।
330 वोट लेकर भाजपा प्रत्याशी को दी थी शिकस्त
अभिनेन्द्र सिंह की राजनीतिक सक्रियता की शुरुआत नगर पालिका के वर्ष 2021 के चुनाव से हुई। वार्ड क्रमांक 07 धौराटिकरा से उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और 330 मत प्राप्त कर भाजपा प्रत्याशी को करीब 100 मतों के अंतर से पराजित किया। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मिली इस जीत ने उन्हें नगर की राजनीति में अलग पहचान दिलाई।
चुनाव के बाद अभिनेन्द्र सिंह भाजपा में शामिल हुए। इसके बाद वे लगातार नगर की राजनीति में सक्रिय रहे और पार्षद के रूप में अपने वार्ड की समस्याओं को उठाने के साथ दूसरे वार्डों के लोगों की समस्याओं को लेकर भी सक्रिय नजर आए।
सिर्फ अपने वार्ड तक सीमित नहीं रही सक्रियता
समर्थकों का कहना है कि अभिनेन्द्र सिंह की सक्रियता केवल वार्ड क्रमांक 07 तक सीमित नहीं रही। सड़क, बिजली, नाली, पेयजल, राशन कार्ड सहित रोजमर्रा की बुनियादी समस्याओं को लेकर लोग उनसे संपर्क करते रहे हैं। किसी अन्य वार्ड से भी समस्या की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचकर संबंधित विभाग अथवा अधिकारियों के सामने विषय रखने का प्रयास उनकी राजनीतिक सक्रियता का हिस्सा रहा है।
यही वजह है कि अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर उनके समर्थकों में उत्साह दिखाई दे रहा है। समर्थकों के मुताबिक, लंबे समय से चल रहा जनसंपर्क अब नगर पालिका चुनाव की संभावनाओं के साथ और तेज हो सकता है।
टिकट मिला तो पार्टी के साथ, नहीं मिला तो निर्दलीय विकल्प की चर्चा
अभिनेन्द्र सिंह की अध्यक्ष पद की दावेदारी के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि भाजपा उन्हें मौका देती है या नहीं। उनके समर्थकों का कहना है कि यदि पार्टी उन्हें अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी बनाती है तो वे पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। वहीं टिकट नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने की संभावना से भी समर्थक इनकार नहीं कर रहे हैं।
हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी की प्रक्रिया और चुनावी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
शहर के विकास को लेकर अपना विजन सामने रखने की तैयारी
अभिनेन्द्र सिंह की दावेदारी में सबसे महत्वपूर्ण पहलू शहर के विकास को लेकर उनका विजन बताया जा रहा है। उनके समर्थकों के अनुसार वे बैकुंठपुर को केवल रोजमर्रा की समस्याओं से बाहर निकालकर सुव्यवस्थित, सुविधायुक्त और बेहतर नगरीय व्यवस्था वाला शहर बनाने की योजना के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।
उनके एजेंडे में शहर के सौंदर्यीकरण के साथ यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करना, प्रमुख बाजार क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या का समाधान, सड़कों और नालियों की बेहतर व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था को मजबूत करना तथा साफ-सफाई की स्थायी व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल किए जा सकते हैं।
यातायात और पार्किंग पर विशेष जोर
बैकुंठपुर शहर में बढ़ते यातायात और पार्किंग की समस्या को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। ऐसे में शहर की प्रमुख सड़कों, बाजार क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात को व्यवस्थित करने की योजना अध्यक्ष पद की दावेदारी में महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है।
अभिनेन्द्र सिंह के समर्थकों के अनुसार भविष्य की नगर व्यवस्था में पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान, व्यवस्थित यातायात, अतिक्रमण और अव्यवस्थित आवागमन की समस्या के समाधान तथा प्रमुख मार्गों के बेहतर प्रबंधन पर ध्यान देने की जरूरत है।
युवाओं के लिए भी विकास की नई सोच
अभिनेन्द्र सिंह की दावेदारी में युवाओं को लेकर भी योजनाओं की चर्चा है। शहर के युवाओं के लिए खेल मैदानों और खेल सुविधाओं के विकास, रोजगार एवं कौशल संबंधी गतिविधियों के लिए मंच, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं तथा युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर अवसर विकसित करने की सोच को भी उनके संभावित एजेंडे का हिस्सा बताया जा रहा है।
जनता की राय से शहर की विकास योजना बनाने की बात
समर्थकों के अनुसार अभिनेन्द्र सिंह का जोर केवल घोषणाओं पर नहीं, बल्कि शहरवासियों की राय लेकर विकास की प्राथमिकताएं तय करने पर रहेगा। वार्डवार समस्याओं की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराने, आवश्यक सुविधाओं का विस्तार करने और नगर विकास की दीर्घकालिक योजना बनाने की बात उनके समर्थकों द्वारा कही जा रही है।
उनका मानना है कि शहर का विकास किसी एक वार्ड तक सीमित न होकर पूरे नगर को ध्यान में रखकर होना चाहिए। इसी सोच के साथ वे शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जनसंपर्क कर लोगों की समस्याएं और अपेक्षाएं जानने की कोशिश कर रहे हैं।
आरक्षण के बाद बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
नगर पालिका चुनाव में वार्ड आरक्षण की तस्वीर साफ होने के साथ ही अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों में संभावित दावेदारों के नामों को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में अभिनेन्द्र सिंह की दावेदारी ने मुकाबले की चर्चाओं में एक नया नाम जोड़ दिया है।
वर्ष 2021 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज करने से लेकर भाजपा में शामिल होने और सक्रिय पार्षद के रूप में अपनी मौजूदगी बनाए रखने तक का उनका राजनीतिक सफर अब अध्यक्ष पद की दावेदारी तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में पार्टी का निर्णय और चुनावी समीकरण यह तय करेंगे कि उनकी राजनीतिक पारी किस रूप में आगे बढ़ती है।
फिलहाल बैकुंठपुर की नगर राजनीति में एक बात साफ है—वार्ड आरक्षण के साथ चुनावी सरगर्मी शुरू हो चुकी है और अध्यक्ष पद की दौड़ में अभिनेन्द्र सिंह का नाम भी चर्चा के केंद्र में आ गया है।




