
चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने निगम के अधिकारियों का षड्यंत्र हुआ नाकाम ….. उच्च न्यायालय के कार्रवाई पर एमआईसी को पार्टी बनाए जाने की मंशा धरी रह गई ….दोषियों पर सख्त कार्रवाई और वेतन वृद्धि रोके जाने की मांग
रायगढ़ ।
शहर विकास को लेकर तय एजेंडे के तहत आज महापौर कक्ष में एमआई सी की बैठक आहूत की गई थी। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा चल रही थी इसी दौरान एजेंडा नंबर 10 और 11 पर आने पर एम आई सी के पदाधिकारी ठिठक गए। दरअसल इसमें एक ठेकेदार को लाभ पहुंचाने की सुनियोजित तरीके से काम को अंजाम दिया गया था। इन्ही मामले में एक ठेकेदार हाई कोर्ट से स्टे ऑर्डर ले आया। उच्च न्यायालय द्वारा इसमें जवाब तलब किया गया था। खास बात ये है कि इसमें मिली भगत करने वाले निगम के अधिकारी उच्च न्यायालय के नोटिस पर शहर सरकार को पार्टी बनाने की योजना थी जिस पर पानी फिर गया। जिस तरह से नियमो की अनदेखी कर चहेते ठेकेदार को लाभ दिलाने की मंशा से कई फेर बदल कर डाले थे जिसकी किसी को कनोकान भनक तक नहीं लगी जब एमआईसी के कुछ मेंबर ऑन लाइन टेंडर की कुंडली निकाली गई तब पूरा दूध की तरह साफ हो गया। हंगामे को बढ़ते देख निगम कमिश्नर द्वारा मामले में कारवाई का भरोसा दिया। एमआईसी मेंबर इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई और उनकी वेतन वृद्धि रोके जाने की मांग की गई है।

इस कार्य को लेकर हुआ था टेंडर और फिलहाल इस पर ये निर्णय लिया गया ….
दर असल नगर निगम के जल एवं उद्यान विभाग में कार्यरत 45 प्लेसमेंट श्रमिकों को वर्ष 2022 23 मैं कार्य किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई थी जिसकी समय सीमा 31 मार्च 2023 थी उक्त कार्य की निविदा प्रक्रिया दिन होने के कारण एम आई सी के द्वारा दो माह समय वृद्धि अर्थात मांह अप्रैल मई 2023 तक की गई थी। उक्त समय में भी निविदा प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने के कारण निविदा प्रक्रिया पूर्ण होते तक समय सीमा वृद्धि हेतु प्रकरण को मेयर इन काउंसिल द्वारा कार्यालयीन प्रतिवेदन अनुसार जून एवं जुलाई 2023 तक समय वृद्धि किए जाने की का निर्णय लिया गया।उसी क्रम में नगर निगम अंतर्गत विद्युत एवं वाहन विभाग में कार्यरत 35 प्लेसमेंट श्रमिक एवं वाहन विभाग में कार्यरत 57 प्लेसमेंट श्रमिक समय वृद्धि की गई।
तथा जल विभाग में प्लेसमेंट के माध्यम से 55 कुशल कामगारों के भुगतान के संबंध में पूर्व बैठक में प्राप्त निविदा कार को वित्तीय वर्ष 2324 हेतु जल विभाग में प्लेसमेंट के माध्यम से कुशल एवं कुशल 79 कामगार रखे जाने तक भुगतान करने की स्वीकृति प्राप्त हुई है जिसके आधार पर पूर्व निविदा कार के द्वारा पुराने निविदा दर पर भुगतान किया गया वर्तमान में वर्ष 2023 24 हेतु निविदा प्राप्त कर लिया गया है परंतु प्राप्त दर की स्वीकृत एवं अनुबंध निष्पादन का कार्य पूर्ण कर वर्तमान में प्राप्त दर पर कार्य किए जाने हेतु नवीन निविदा कार को कार्य आदेश जारी नहीं किया गया है जिसके लिए 1 माह की अवधि अतिरिक्त लगने के कारण 55 कुशल कामगार जल विभाग के कामगारों का भुगतान पूर्व निविदा दर पर किए जाने की समय वृद्धि हेतु स्वीकृति प्रदान की गई।
वही रायगढ़ लोक कर्म विभाग सामान्य प्रशासन विभाग एवं परिसंपत्तियों का रखरखाव विभाग के विभिन्न कार्य हेतु कलेक्टर दर पर 130 प्लेसमेंट कर्मचारी प्रदाय कार्य हेतु मनोज कुमार अग्रवाल अंबिकापुर को कार्य देश दिया गया था जो 31 मार्च 2023 तक के लिए मान्य थी। इस मामले 26 अप्रैल 2023 के प्रस्ताव अनुसार मई 2023 तक समय वृद्धि प्रदान किया गया था। वर्तमान में उक्त कार्य हेतु निविदा स्वीकृत नहीं हुई है ऐसी स्थिति में मनोज कुमार अग्रवाल की स्वीकृत दर को नवीन दर प्राप्त होने तक बढ़ाए जाने की स्वीकृति मेयर इन काउंसिल ने दी।
वर्ष 2022 के लिए जोन क्रमांक 1 में 62 ,2 में 62 ,3 में 61, और जोन 4 में 63, 5 में 56 तथा जोन 6 में 56 श्रमिक प्रदाय किए जाने समय वृद्धि हेतु स्वीकृति दी गई।
एजेंडा क्रमांक 10 नगर निगम रायगढ़ वित्तीय वर्ष 2023 24 में जल विभाग के विभिन्न कार्य हेतु कलेक्टर दर पर 79 प्लेसमेंट कर्मचारी अनुमानित लागत एक करोड़ ₹300000 ऑनलाइन निविदा आमंत्रण सूचना क्रमांक 341 दिनांक 2 मई 2023 में निविदा आमंत्रित की गई जिसका प्रकाशन नई दुनिया एवं क्रॉनिकल राष्ट्रीय स्तर समाचार पत्र के माध्यम से दी गई थी। उक्त कार्य हेतु चार निविदा प्राप्त हुई जिसमें मनोज कुमार अग्रवाल का न्यूनतम दर 21.09% अधिक कलेक्टर दर से प्राप्त हुआ है प्राप्त निविदा में मनोज कुमार अग्रवाल पत्थलगांव द्वारा प्रस्तुत दर न्यूनतम प्राप्त हुई निर्णय हेतु आगामी बैठक में रखी गई वही एजेंडा क्रमांक 11 में विद्युत विभाग में कार्य कराए जाने हेतु निविदा आमंत्रित की गई थी। चार निविदाकारो ने भाग लिया मनोज कुमार अग्रवाल पत्थलगांव कादर 21.81 प्रतिशत न्यूनतम प्राप्त हुआ हेतु प्राप्त नियंत्रण दर स्वीकृति हेतु आगामी बैठक मैं प्रेषित की गई।
फिलहाल एजेंडा क्रमांक 10 और 11 में निविदा कार्य में गड़बड़ी कर चहेतों को काम देने के मामले में खुलासा होने पर कमिश्नर किस तरह की कार्रवाई करते हैं। खुलासा होने के पूर्व तक उच्च न्यायालय के नोटिस पर एमआईसी को पार्टी बनाया जा रहा था परंतु अब जब इसका खुलासा हो गया तब किसे पार्टी बनाते हैं देखने वाली बात होगी।
क्या कहते है एमआईसी मेंबर संजय देवांगन –
नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी अपने फायदे के लिए नाना प्रकार के षड्यंत्र करते हैं। अधिकारियों के इस सुनियोजित षड्यंत्र का खुलासा नहीं होता तो एमआईसी बदनाम होती और इससे राज्य सरकार की छवि धूमिल होती। संजय देवांगन का यह भी कहना है कि एक तो प्रस्ताव को मीटिंग के दौरान ही उन्हें दिया जाता है ताकि वे इस पर गुमराह किया जा सके और अपना उल्लू सीधा कर सकें। इसमें यदि हमसे जरा सी गलती हो जाए तो नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी शहर सरकार या राज्य सरकार पर टालकर खुद जिम्मेदारी से बच जाएं। हमारी मांग है की इसमें दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो।




