पूजा पैकरा को न्याय दिलाने सड़क पर उतरा पुलिस परिवार: आईसी मार्ट के बाहर धरना, चक्का जाम; आरोपी की गिरफ्तारी और फांसी की मांग से गूंजा बैकुंठपुर
थाना घेराव के बाद आईसी मार्ट के बाहर फूटा गुस्सा, महिलाओं ने बिल्डिंग के शटर पीटे; पुलिस के आश्वासन पर समाप्त हुआ चक्का जाम
अनूप बड़ेरिया
लाल दास महंत कल्ला की रिपोर्ट
कोरिया/बैकुंठपुर। 17 वर्षीय रितु सिंह पैकरा की आत्महत्या से उपजे आक्रोश ने शुक्रवार को और उग्र रूप ले लिया। एक दिन पहले सिटी कोतवाली का घेराव करने के बाद पुलिस परिवार की सैकड़ों महिलाएं आईसी मार्ट भवन के सामने पहुंचीं, जहां उन्होंने धरना देकर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और महिलाओं ने आईसी मार्ट भवन के शटर पीटकर अपना विरोध दर्ज कराया।
गौरतलब है कि आज सुबह ही पुलिस परिवार की महिलाओं ने सिटी कोतवाली का घेराव करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम नहीं कराने की चेतावनी दी थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे के आश्वासन तथा आईसी मार्ट संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ था। इसके बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस परिवार में भारी नाराजगी बनी हुई है।

इसी आक्रोश के चलते शुक्रवार को महिलाएं आईसी मार्ट के बाहर एकत्रित हुईं और धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। कई महिलाओं ने दोषी को फांसी देने की मांग भी उठाई।
धरना प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए सड़क पर चक्का जाम की स्थिति भी बन गई, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है तथा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बाद महिलाओं ने चक्का जाम समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पुलिस लाइन निवासी आरक्षक शिवनाथ सिंह पैकरा की 17 वर्षीय पुत्री पूजा (रितु) सिंह ने कथित रूप से आईसी मार्ट में हुई घटना के बाद मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में पुलिस ने आईसी मार्ट संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




