
पुलिस परिवार के उग्र आंदोलन का असर: आईसी मार्ट के तीन संचालकों पर एट्रोसिटी समेत गंभीर धाराओं में FIR, पूजा पैकरा प्रकरण ने लिया बड़ा मोड़
थाना घेराव, चक्का जाम और विधायक भैयालाल राजवाड़े की पहल के बाद दर्ज हुआ मामला; तीन आरोपियों पर गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई
अनूप बड़ेरिया
कोरिया/बैकुंठपुर। 17 वर्षीय पूजा सिंह पैकरा की आत्महत्या के बाद भड़के पुलिस परिवार के उग्र आंदोलन और स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े की पहल के बाद आईसी मार्ट प्रकरण में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस ने आईसी मार्ट से जुड़े दीपक बैद, विनोद बैद और जगत बैद के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
गुरुवार को पुलिस लाइन की महिलाओं ने पहले सिटी कोतवाली का घेराव किया और बाद में आईसी मार्ट के सामने धरना-प्रदर्शन एवं चक्का जाम कर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। वहीं स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े ने भी पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर मामले में तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया।
उल्लेखनीय है कि पुलिस कंट्रोल रूम में पदस्थ आरक्षक शिवनाथ सिंह पैकरा की 17 वर्षीय पुत्री पूजा सिंह पैकरा ने बुधवार दोपहर अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
परिजनों के अनुसार, एक दिन पहले पूजा सिंह अपनी छोटी बहन के साथ शहर के आईसी मार्ट में खरीदारी करने गई थी। इस दौरान उस पर लगभग 1,500 रुपये मूल्य का कॉस्मेटिक सामान बिना भुगतान के अपने पास रखने का आरोप लगाया गया। आरोप है कि दुकान संचालक दीपक बैद, विनोद बैद और जगत बैद ने छात्रा को डांट-फटकार लगाई, जातिसूचक अपशब्द कहे, उससे एक कागज पर कथित रूप से “मैंने दुकान में चोरी की है” लिखवाया तथा उसकी स्कूटी अपने कब्जे में रख ली।
डर के कारण छात्रा ने यह बात अपने पिता को न बताकर रिश्ते के मामा एवं एएसआई एलांगो दास को बताई। आरोप है कि एएसआई जब आईसी मार्ट पहुंचे तो उनसे पहले 20 हजार रुपये की मांग की गई। अगले दिन आरक्षक शिवनाथ सिंह पैकरा स्वयं दुकान पहुंचे तो कथित रूप से स्कूटी लौटाने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की गई। आरक्षक ने तत्काल इतनी राशि देने में असमर्थता जताई।
बताया जाता है कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद पूजा सिंह मानसिक रूप से बेहद तनावग्रस्त हो गई। बुधवार दोपहर, जब उसके पिता अपनी पत्नी को बस स्टैंड से लेने गए हुए थे, उसी दौरान उसने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना स्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।
पुलिस ने मामले में दीपक बैद, विनोद बैद और जगत बैद के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 107, 308(2), 309(4) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नोट: समाचार में वर्णित आरोप एफआईआर और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। आरोपियों का पक्ष तथा अंतिम तथ्य न्यायिक एवं पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।




